भारत और रूस के ऐतिहासिक और रणनीतिक संबंधों में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) अपनी उच्चस्तरीय यात्रा के तहत नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के साथ उनकी द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मुद्दों पर बेहद महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। वैश्विक भू-राजनीतिक (Geopolitics) तनाव के बीच पुतिन का यह भारत दौरा पूरी दुनिया की नजरों में है।
PM मोदी और पुतिन की बैठक का मिनट-टू-मिनट शेड्यूल
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के इस व्यस्त दौरे के लिए विशेष सुरक्षा और भव्य स्वागत की तैयारी की गई है। आज का मुख्य कार्यक्रम इस प्रकार रहेगा:
- सुबह 11:00 बजे: राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक (Ceremonial) स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर।
- दोपहर 11:30 बजे: राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करना।
- दोपहर 12:15 बजे: हैदराबाद हाउस में PM नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच 'प्रतिबंधित वार्ता' (Restricted Talks)।
- दोपहर 01:30 बजे: दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल स्तर की आधिकारिक वार्ता (Delegation-Level Talks)।
- अपराह्न 03:00 बजे: महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर और संयुक्त प्रेस वक्तव्य (Joint Press Statement)।
- शाम 07:30 बजे: राष्ट्रपति भवन में आयोजित विशेष राजकीय रात्रिभोज (State Banquet) में शिरकत।
इन बड़े मुद्दों पर लग सकती है मुहर
भारत और रूस के बीच होने वाली इस उच्चस्तरीय वार्ता में रक्षा, ऊर्जा और व्यापार क्षेत्र से जुड़े कई ऐतिहासिक फैसले लिए जा सकते हैं:
1. रक्षा एवं सैन्य सहयोग
S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की बाकी डिलीवरी को जल्द पूरा करने और AK-203 राइफल निर्माण परियोजना की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, नए रक्षा सौदों और तकनीक हस्तांतरण पर भी बात संभव है।
2. ऊर्जा और तेल आपूर्ति
रूस से भारत को मिलने वाले रियायती कच्चे तेल (Crude Oil) की निर्बाध आपूर्ति और कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Kudankulam Nuclear Power Plant) की नई इकाइयों के विस्तार पर चर्चा होगी।
3. स्थानीय मुद्रा में व्यापार (Rupee-Ruble Trade)
पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच दोनों देश डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए रुपया-रूबल भुगतान प्रणाली को और मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जिससे द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर के लक्ष्य को आसानी से पार कर सके।
4. BRICS और वैश्विक रणनीति
BRICS संगठन के विस्तार, वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) को मजबूत करने और क्षेत्रीय सुरक्षा (अफगानिस्तान और मध्य पूर्व की स्थिति) पर दोनों नेता अपने विचार साझा करेंगे।
दुनिया भर की नजरें भारत-रूस वार्ता पर
यह दौरा इसलिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि वैश्विक मंच पर भारत ने हमेशा एक संतुलित और स्वतंत्र विदेश नीति का परिचय दिया है। PM मोदी और व्लादिमीर पुतिन की यह मुलाकात यह साबित करती है कि समय की कसौटी पर खरी उतरी भारत-रूस की दोस्ती आज भी बेहद मजबूत है।
इस बैठक के बाद दोनों देशों के रिश्तों को एक नई दिशा मिलेगी, जिसका असर न केवल दक्षिण एशिया बल्कि पूरी दुनिया की राजनीति पर देखने को मिलेगा। इस खबर से जुड़े हर पल के लाइव अपडेट्स के लिए हमारे साथ बने रहें।