दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं की सुरक्षा सिर्फ बुलेटप्रूफ गाड़ियों या बॉडीगार्ड्स तक ही सीमित नहीं होती। अंतरराष्ट्रीय मंचों जैसे BRICS समिट में जब रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग जैसे दिग्गज नेता हिस्सा लेते हैं, तो उनकी सुरक्षा और व्यक्तिगत व्यवस्थाएं आम इंसान की सोच से काफी अलग होती हैं। हालिया अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के दौरान इन नेताओं के अनोखे और सख्त सिक्योरिटी प्रोटोकॉल ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
पुतिन का पोर्टेबल टॉयलेट: बायो-डेटा और DNA सुरक्षा का रहस्य
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की विदेश यात्राओं से जुड़ा सबसे हैरान करने वाला पहलू उनका विशेष पोर्टेबल टॉयलेट (Personal Portable Toilet) है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पुतिन जहां भी जाते हैं, उनका सुरक्षा दस्ता (Federal Protective Service - FSO) उनका पोर्टेबल टॉयलेट साथ लेकर चलता है।
आखिर क्यों उठाया जाता है यह कदम?
- DNA और स्वास्थ्य जानकारी की सुरक्षा: विदेशी खुफिया एजेंसियां किसी नेता के वेस्ट (Excrement) के जरिए उनके स्वास्थ्य की स्थिति, बीमारियों या ली जा रही दवाओं के बारे में जानकारी (Biological Data) जुटा सकती हैं।
- डेटा लीक से बचाव: पुतिन के जैविक नमूनों से कोई विदेशी एजेंसी उनके स्वास्थ्य का विश्लेषण न कर सके, इसलिए उनका कचरा सीलबंद बैगों में वापस रूस लाया जाता है।
शी जिनपिंग की 'हॉन्गछी' बुलेटप्रूफ कार और स्पेशल प्रोटोकॉल
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी विदेशी दौरों पर सुरक्षा को लेकर बेहद सतर्क रहते हैं। वे अक्सर आयोजक देश द्वारा दी गई गाड़ियों का इस्तेमाल करने के बजाय अपनी खुद की बख्तरबंद गाड़ी साथ लाते हैं।
- Hongqi N701 कार: जिनपिंग की यह कार चीन की अपनी निर्मित अति-सुरक्षित लिमोसिन है, जो पूरी तरह से बुलेटप्रूफ, बम-प्रूफ और केमिकल अटैक से सुरक्षित होती है।
- पर्सनल स्टाफ और सिक्योरिटी: जिनपिंग के साथ उनका अपना रसोइया और सुरक्षा अमला होता है। उनके भोजन और पीने के पानी की कड़े पैमानों पर जांच की जाती है।
BRICS समिट में वीआईपी नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था
BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में विदेशी नेताओं के आगमन से पहले ही महीनों की तैयारी की जाती है। सुरक्षा के ये मुख्य बिंदु बेहद अहम होते हैं:
1. इलेक्ट्रॉनिक जैमर और सिग्नल ब्लॉकर
राष्ट्रपति के काफिले के साथ आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक काउंटर-मेजर गाड़ियां चलती हैं, जो किसी भी प्रकार के रिमोट सिग्नल, ड्रोन या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को निष्क्रिय कर देती हैं।
2. एंटी-सस्पिशियस स्वैप और बायो-सिक्योरिटी
नेताओं के होटल के कमरों की पूरी तरह से जांच की जाती है। हिडन कैमरे, सुनने वाले उपकरण (Bugs) और किसी भी तरह के बायोलॉजिकल खतरे को बेअसर करने के लिए विशेष टीमें तैनात रहती हैं।
निष्कर्ष
आधुनिक दौर में जासूसी और बायो-वॉरफेयर (Biological Warfare) के बढ़ते खतरों को देखते हुए वैश्विक नेता अपनी सुरक्षा के साथ कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। व्लादिमीर पुतिन का स्पेशल टॉयलेट हो या शी जिनपिंग की हॉन्गछी कार, ये सभी कदम यह दर्शाते हैं कि शीर्ष कूटनीति के पीछे सुरक्षा के कितने कड़े और हैरान कर देने वाले इंतज़ाम किए जाते हैं।