राजस्थान की राजधानी जयपुर में सरपंच चुनाव के दौरान एक तरफ जहां चुनावी सरगर्मी और उत्साह देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर कुछ इलाकों में विवाद इतना बढ़ गया कि लाठी-डंडे तक चल गए। एक तरफ चुनावी रंजिश में हिंसा की खबरें आईं, तो दूसरी तरफ लोकतंत्र की एक बेहद खूबसूरत और प्रेरणादायक तस्वीर भी देखने को मिली, जब एक बुजुर्ग व्हीलचेयर पर बैठकर अपना कीमती वोट डालने मतदान केंद्र पहुंचे।
चुनाव के दौरान बढ़ी तनातनी: क्यों चले लाठी-डंडे?
जयपुर क्षेत्र में सरपंच पद के चुनाव को लेकर गांव का माहौल काफी समय से गरमाया हुआ था। मतदान के दिन दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस हिंसक झड़प में बदल गई और दोनों पक्षों की ओर से लाठी-डंडे चलने लगे। इस घटना से मतदान केंद्र के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही पुलिस की भारी टीम मौके पर पहुंची और भीड़ को खदेड़कर स्थिति पर काबू पाया। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के बाद मतदान की प्रक्रिया को पुनः शांतिपूर्ण ढंग से शुरू कराया गया।
व्हीलचेयर पर पहुंचे बुजुर्ग: वोटिंग के प्रति दिखा अटूट विश्वास
हिंसा और तनाव के माहौल के बीच एक ऐसी खबर सामने आई जिसने सभी का दिल जीत लिया। चलने-फिरने में असमर्थ एक बुजुर्ग ग्रामीण व्हीलचेयर की मदद से पोलिंग बूथ तक पहुंचे और अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
- प्रेरणादायक संदेश: बुजुर्ग मतदाता ने कहा कि स्थिति चाहे जैसी भी हो, सही जनप्रतिनिधि चुनना हर नागरिक का कर्तव्य है।
- ग्रामीणों का उत्साह: बुजुर्ग के इस जज्बे को देखकर युवाओं और महिलाओं में भी वोटिंग को लेकर नया उत्साह देखा गया।
11 उम्मीदवारों के नामांकन से मुकाबला हुआ बेहद दिलचस्प
इस बार का सरपंच चुनाव बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि चुनावी मैदान में 11 उम्मीदवारों ने अपने नामांकन दाखिल किए हैं। इतने अधिक प्रत्याशी मैदान में होने की वजह से मुकाबला बहुकोणीय (multi-cornered fight) हो चुका है और गांव की राजनीति का गणित पूरी तरह बदल गया है।
प्रशासन की सख्त हिदायत और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनावी हिंसा को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है:
- संवेदनशील और अति-संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल (RAC) तैनात किया गया है।
- अराजक तत्वों और फर्जी वोटिंग करने वालों पर ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है।
- प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
निष्कर्ष
जयपुर में सरपंच चुनाव के दौरान घटी इन घटनाओं ने साबित कर दिया है कि स्थानीय निकाय चुनाव ग्रामीण भारत के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं। जहां एक ओर चुनावी रंजिश की घटनाएं चिंताजनक हैं, वहीं व्हीलचेयर पर पहुंचे बुजुर्ग जैसे नागरिकों की भागीदारी यह दर्शाती है कि भारत में लोकतंत्र की जड़ें कितनी मजबूत हैं।