वॉशिंगटन और तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) में जारी संकट के बीच एक बार फिर बड़ा वैश्विक तनाव उभरता नजर आ रहा है। अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को दी गई फिर से हमले की चेतावनी के बाद, ईरान ने भी स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी सैन्य कार्रवाई का कैसा और कितना घातक जवाब देगा। बीबीसी (BBC) की एक विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने ट्रंप के कड़े बयानों पर पलटवार करते हुए अपनी सुरक्षा रणनीति का खाका पेश किया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने क्यों दी फिर से सैन्य हमले की धमकी?
हालिया बयानों में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्र में उसकी सैन्य गतिविधियों पर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप का कहना है कि यदि ईरान अमरीका या उसके सहयोगी देशों (विशेष रूप से इजरायल) के हितों को नुकसान पहुंचाता है, तो अमरीका की ओर से ऐसा हमला किया जाएगा जो ईरान ने पहले कभी नहीं देखा होगा। ट्रंप की इस आक्रामक भाषा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
ईरान की जवाबी रणनीति: कैसे देगा अमरीका को जवाब?
ट्रंप की इस चेतावनी पर ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व और रक्षा विशेषज्ञों ने करारा जवाब दिया है। तेहरान की ओर से आए बयानों के मुताबिक, ईरान अमरीका की किसी भी दुस्साहस का सामना करने के लिए पूरी तरह से तैयार है।
ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई के मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया है:
- मिसाइल शक्ति का इस्तेमाल: ईरान का दावा है कि उसकी उन्नत बैलिस्टिक मिसाइलें मध्य पूर्व में स्थित सभी अमरीकी सैन्य ठिकानों और बेड़ों को निशाना बनाने में सक्षम हैं।
- स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज पर नियंत्रण: यदि अमरीका हमला करता है, तो ईरान दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल समुद्री मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज' (Strait of Hormuz) को प्रभावित कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल संकट पैदा हो जाएगा।
- क्षेत्रीय नेटवर्क की सक्रियता: ईरान अपने क्षेत्रीय सहयोगियों और प्रॉक्सी नेटवर्क के जरिए अमरीकी ठिकानों पर बहुआयामी दबाव बना सकता है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था और शांति पर क्या पड़ेगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि अमरीका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा। यदि स्थिति बिगड़ती है और सीधे सैन्य संघर्ष का रूप लेती है, तो इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं:
- कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में भारी उछाल: मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति से पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान छू सकते हैं।
- शेयर बाजार में अनिश्चितता: वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली और मंदी का खतरा बढ़ सकता है।
- वैश्विक महंगाई: आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने से भारत सहित दुनिया भर के आम नागरिकों पर महंगाई का बोझ बढ़ जाएगा।
निष्कर्ष
अमरीका और ईरान के बीच जुबानी जंग अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच रही है। एक तरफ जहां डोनाल्ड ट्रंप आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं, वहीं ईरान भी पूरी ताकत से जवाब देने का दावा कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूटनीतिक प्रयासों से इस तनाव को कम किया जा सकेगा या दुनिया को एक और नए युद्ध का सामना करना पड़ेगा।