दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव को लेकर राजनीतिक गलियारों में सरगर्मियां बेहद तेज हो गई हैं। छात्र राजनीति का यह महासंग्राम अब केवल कैंपस तक सीमित न रहकर देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंच चुका है। हाल ही में सामने आई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का फोन आया, जिसके बाद माहौल काफी गंभीर हो गया।
बैठक में क्या हुआ? राहुल गांधी की नाराजगी की वजह
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, DUSU चुनाव की रणनीतियों और उम्मीदवारों के चयन को लेकर कांग्रेस नेताओं की एक अहम बैठक चल रही थी। इस बैठक में कांग्रेस के कई दिग्गज नेता जैसे सचिन पायलट और दीपेंद्र सिंह हुड्डा भी मौजूद थे। बैठक के दौरान छात्र संगठन NSUI के प्रभारी कन्हैया कुमार को राहुल गांधी के फोन का सामना करना पड़ा।
रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि राहुल गांधी चुनाव तैयारियों और आंतरिक गुटबाजी को लेकर बेहद नाराज थे। उन्होंने फोन पर ही कन्हैया कुमार को सख्त लहजे में निर्देश दिए और चुनाव में एकजुटता बनाकर काम करने की हिदायत दी।
बैठक की मुख्य बातें:
- दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: बैठक में सचिन पायलट और हुड्डा की उपस्थिति यह दर्शाती है कि कांग्रेस DUSU चुनाव को कितना गंभीरता से ले रही है।
- रणनीति पर मंथन: ABVP (अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद) को कड़ी टक्कर देने के लिए NSUI की रणनीति को अंतिम रूप दिया जा रहा था।
- अनुशासन पर जोर: राहुल गांधी ने साफ़ किया कि चुनाव में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अंदरूनी कलह बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
DUSU चुनाव कांग्रेस और NSUI के लिए क्यों है अहम?
दिल्ली यूनिवर्सिटी का चुनाव केवल छात्रों का चुनाव नहीं माना जाता, बल्कि इसे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा और दशा तय करने वाला 'इंडिकेटर' माना जाता है। केंद्र में विपक्ष की भूमिका निभा रही कांग्रेस पार्टी DUSU में अपनी छात्र इकाई NSUI को मजबूत करके युवाओं के बीच एक बड़ा संदेश देना चाहती है।
पिछली बार के प्रदर्शन को सुधारने और इस बार पैनल पर ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने के लिए कांग्रेस ने अपने बड़े चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी है। यही कारण है कि राहुल गांधी खुद हर गतिविधि पर सीधी नजर बनाए हुए हैं।
निष्कर्ष
राहुल गांधी के इस सख्त रुख के बाद NSUI और कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हड़कंप के साथ-साथ एक नई ऊर्जा भी देखी जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सचिन पायलट, हुड्डा और कन्हैया कुमार की यह तिकड़ी DUSU चुनाव में NSUI को जीत दिलाने में कितनी कामयाब हो पाती है।