मौसम विभाग (IMD) और अंतर्राष्ट्रीय मौसम एजेंसियों ने चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Cyclone Murasu) को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी की है। दक्षिण और पूर्वी तटीय इलाकों की तरफ तेजी से बढ़ रहा यह चक्रवात बेहद खतरनाक रूप ले सकता है। अनुमान जताया गया है कि तूफान के तट से टकराते समय हवाओं की रफ़्तार 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
मौसम के इस अचानक बदलते मिजाज के कारण कई तटीय और मैदानी राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी कर दिया गया है। आइए जानते हैं कि इस चक्रवात का सबसे ज्यादा असर किन-किन राज्यों पर पड़ने वाला है और प्रशासन ने क्या तैयारियां की हैं।
किन-किन राज्यों में जारी हुआ भारी बारिश का अलर्ट?
चक्रवात 'मुरासु' के प्रभाव से तटीय क्षेत्रों में समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश का सिलसिला शुरू हो चुका है। मौसम विभाग ने निम्नलिखित राज्यों को विशेष अलर्ट पर रखा है:
- तमिलनाडु और पुडुचेरी: तटीय तमिलनाडु के निचले इलाकों में भारी जलभराव की संभावना है। यहां रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- आंध्र प्रदेश: दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश में 120 किमी/घंटे की रफ़्तार से तेज हवाएं चलने और अति-भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- ओडिशा: चक्रवात के उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने के कारण ओडिशा के तटीय जिलों में मूसलाधार बारिश का अनुमान है।
- केरल और कर्नाटक: अंदरूनी इलाकों में मध्यम से भारी बारिश के साथ बिजली कड़कने और 50-60 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अलर्ट है।
120 किमी/घंटा की रफ़्तार: कितना खतरनाक हो सकता है चक्रवात 'मुरासु'?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जब हवाएं 100 से 120 किमी/घंटे की गति से चलती हैं, तो वे कच्चे मकानों, टीन की छतों, और बिजली के खंभों को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा:
- पुराने और कमजोर पेड़ उखड़ सकते हैं, जिससे यातायात और बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
- समुद्र में 3 से 5 मीटर ऊंची लहरें उठने की आशंका है, जिससे तटीय बस्तियों में पानी भर सकता है।
- विमान और ट्रेन सेवाओं के प्रभावित होने की संभावना है।
प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा संबंधी गाइडलाइंस
चक्रवात के खतरे को देखते हुए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों को अलर्ट मोड पर तैनात कर दिया गया है। तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में भेजा जा रहा है।
आम जनता और मछुआरों के लिए जरूरी सलाह:
- मछुआरों के लिए चेतावनी: अगले 3-4 दिनों तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
- निचले इलाकों के निवासी: यदि आप तटीय या निचले क्षेत्रों में रहते हैं, तो स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित आश्रयों में जाएं।
- इमरजेंसी किट तैयार रखें: अपने पास जरूरी दवाएं, टॉर्च, पावर बैंक, और पीने का साफ पानी स्टोर करके रखें।
- अफ़वाहों से बचें: केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और सरकारी सूचनाओं पर ही विश्वास करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
चक्रवात 'मुरासु' का अगला 48 से 72 घंटा बेहद संवेदनशील माना जा रहा है। यदि आप प्रभावित राज्यों में से किसी में रहते हैं, तो गैर-जरूरी यात्रा से बचें और घर के अंदर सुरक्षित रहें। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।