बंगाल की खाड़ी से उठे भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' (Cyclone Murasu) ने आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में जोरदार दस्तक दी है। चक्रवात के तट से टकराते ही तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। मौसम विभाग (IMD) की चेतावनी और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नागरिक उड्डयन और रेलवे प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए कई ट्रेनें और उड़ानें रद्द कर दी हैं।
तटीय इलाकों में तबाही का मंजर, तेज हवाओं से भारी नुकसान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवात मुरासु के लैंडफॉल (तट से टकराने) के दौरान हवा की गति 90 से 110 किमी प्रति घंटा दर्ज की गई है। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, काकीनाडा, नेल्लोर और गुंटूर जैसे तटीय जिलों में भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है और सड़कों पर जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई है।
यातायात सेवाएं बुरी तरह प्रभावित: ट्रेनें और उड़ानें रद्द
चक्रवात के गंभीर खतरे को देखते हुए यातायात सेवाओं पर इसका व्यापक असर पड़ा है:
- उड़ानों पर असर: विशाखापत्तनम और विजयवाड़ा हवाई अड्डों से संचालित होने वाली 20 से अधिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय उड़ानों को रद्द या डायवर्ट कर दिया गया है। एयरलाइंस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे एयरपोर्ट निकलने से पहले अपनी फ्लाइट का स्टेटस जांच लें।
- रेल सेवाएं ठप: दक्षिण मध्य रेलवे (South Central Railway) ने सुरक्षा के लिहाज से 40 से अधिक प्रमुख ट्रेनों को पूरी तरह या आंशिक रूप से रद्द कर दिया है। कई ट्रेनों के रूट डायवर्ट किए गए हैं।
- सड़क यातायात: भारी जलभराव और पेड़ गिरने के कारण कई प्रमुख राज्य राजमार्गों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड पर: NDRF और SDRF की टीमें तैनात
आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात से निपटने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां की हैं। तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों (Relief Camps) में पहुंचाया गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र को 24/7 एक्टिव कर दिया गया है।
राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) और SDRF की कई टीमों को संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है। मछुआरों को अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
नागरिकों के लिए जरूरी सुरक्षा सलाह (Safety Guidelines)
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने स्थानीय निवासियों के लिए विशेष दिशानिर्देश जारी किए हैं:
- जब तक बहुत जरूरी न हो, अपने घरों से बाहर न निकलें।
- कच्चे मकानों, ढहे हुए ढांचे और बड़े पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचें।
- बिजली के खुले तारों और खंभों से दूरी बनाए रखें।
- आपातकालीन स्थिति में स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
- अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर ही भरोसा करें।
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 से 36 घंटे आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के लिए बेहद संवेदनशील बने रहेंगे। चक्रवात के धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है, लेकिन बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।