CJP के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका की न्यायिक हिरासत को लेकर अदालत से बड़ी खबर सामने आई है। कोर्ट ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत को 2 दिन और बढ़ाने का फैसला सुनाया है। हालांकि, जांच एजेंसी और अभियोजन पक्ष ने अदालत से हिरासत की अवधि 5 दिन बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने केवल दो दिनों की मोहलत दी।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान क्या हुआ?
मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस और जांच एजेंसी की ओर से कड़ा रुख अपनाया गया। अदालत में दलील दी गई कि मामले में कुछ नए पहलुओं की जांच बाकी है और कुछ महत्वपूर्ण सबूत जुटाने के लिए दोनों आरोपियों से आगे की पूछताछ बेहद जरूरी है। इसी आधार पर रिमांड को 5 दिन और बढ़ाने की याचिका दाखिल की गई थी।
दूसरी तरफ, बचाव पक्ष के वकीलों ने हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि जांच में पूरी तरह से सहयोग किया जा रहा है और अब और हिरासत में रखने का कोई ठोस आधार नहीं है। दोनों पक्षों की विस्तृत बहस सुनने के बाद जज ने मध्य मार्ग अपनाते हुए हिरासत को केवल 2 दिनों के लिए बढ़ा दिया।
केस से जुड़े मुख्य बिंदु (Key Highlights)
- न्यायिक हिरासत में विस्तार: सौरव दास और आशुतोष रांका की कस्टडी 2 दिन के लिए बढ़ाई गई।
- एजेंसी की मांग: पुलिस ने गहराई से पूछताछ के लिए 5 दिनों की रिमांड मांगी थी।
- कोर्ट का रुख: अदालत ने जांच की जरूरत और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाते हुए फैसला सुनाया।
- सुरक्षा के कड़े इंतजाम: सुनवाई के समय अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था काफी सख्त रखी गई थी।
आगे क्या होगा?
अब 2 दिनों की न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका को दोबारा अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा। इन दो दिनों में जांच टीम आरोपियों से गहन पूछताछ करने और सबूतों का मिलान करने की कोशिश करेगी। इसके बाद ही यह तय होगा कि जांच एजेंसी आगे और कस्टडी की मांग करती है या फिर आरोपी पक्ष की ओर से जमानत याचिका दाखिल की जाएगी।