दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (DUSU) चुनाव के नतीजों की घोषणा हो चुकी है और कैंपस में 'जीत गया भई जीत गया...' के नारे गूंज रहे हैं। छात्र राजनीति का यह सबसे बड़ा मुकाबला इस बार बेहद रोमांचक रहा, जिसमें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए मुख्य पदों पर अपना कब्जा जमाया है। वहीं, नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) को इस चुनाव में बड़ा झटका लगा है।
DUSU Election 2024: मुख्य पदों के विजेता
दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में विभिन्न पदों पर विजयी उम्मीदवारों की सूची इस प्रकार है:
- अध्यक्ष (President): यश डबास (ABVP) ने शानदार जीत हासिल करते हुए प्रेसिडेंट पद पर कब्जा किया।
- उपाध्यक्ष (Vice President): दीपांशु (ABVP) ने जीत दर्ज कर उपाध्यक्ष का पद अपने नाम किया।
- सचिव और सह-सचिव: अन्य मुख्य पदों पर भी एबीवीपी के प्रत्याशियों का दबदबा देखने को मिला।
कैंपस में जश्न का माहौल
परिणाम घोषित होते ही नॉर्थ कैंपस से लेकर साउथ कैंपस तक जश्न की लहर दौड़ गई। विजयी उम्मीदवारों को समर्थकों ने कंधों पर उठा लिया और ढोल-नगाड़ों की थाप पर जमकर थिरके। विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार और छात्र संघ कार्यालय के बाहर समर्थकों का भारी हुजूम देखा गया, जहां आतिशबाजी और मिठाइयां बांटकर इस जीत का स्वागत किया गया।
ABVP की रणनीति और छात्रों का समर्थन
इस चुनाव में एबीवीपी की जीत के पीछे छात्रों से जुड़े बुनियादी मुद्दों को प्रमुखता से उठाना माना जा रहा है। हॉस्टल की सुविधा, सुरक्षा, नई शिक्षा नीति (NEP) के प्रभावी क्रियान्वयन और कैंपस इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे मुद्दों पर एबीवीपी के वादों को छात्रों का भरपूर समर्थन मिला।
NSUI के लिए बड़ा झटका
इस बार के डूसू चुनाव में एनएसयूआई का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। एनएसयूआई ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी थी और कई प्रमुख वादे किए थे, लेकिन छात्र मतदाताओं ने एबीवीपी के उम्मीदवारों पर अपना भरोसा जताया। इस नतीजे के बाद एनएसयूआई को अपनी चुनावी रणनीति पर पुनर्चिंतन करने की जरूरत है।
निष्कर्ष
दिल्ली विश्वविद्यालय का छात्र संघ चुनाव हमेशा से देश की राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जाता रहा है। यश डबास की अगुवाई में बनी नई डूसू कार्यकारिणी से छात्रों को काफी उम्मीदें हैं। अब देखना यह होगा कि नई टीम छात्रों के अधिकारों और सुविधाओं के लिए किस तरह काम करती है।